शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ भकाररूपाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूप'भ' कार बीज
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
'भ' कार (भरण-पोषण बीज) के स्वरूप को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
जीवन की सभी आवश्यकताओं की स्वतः पूर्ति
विस्तृत लाभ
जीवन की सभी आवश्यकताओं की स्वतः पूर्ति।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
बालार्कारुणकान्तिर्वामे बालां वहन् अङ्के । लसदिन्दीवर हस्तं गौराङ्गीं रत्नशोभाढ्याम् ॥ दक्षे अङ्कुश वरदानं वामे पाशं च पायसं पात्रम् । नीलांशुक समान पीठपद्मारुणे तिष्ठन् संकटहरणः पायात् ॥
शान्तिकर्मणि सर्वत्र तथा दुःस्वप्नदर्शने। ग्रहपीडासु चोग्रासु माहात्म्यं शृणुयान्मम॥ 17
नमो वञ्चते परिवञ्चते स्तायूनां पतये नमः।
वसुन्धरे श्री वसुधे वसुदोग्ध्रे कृपामयि! त्वत्कुक्षिगतं सर्वस्वं शीघ्रं मे त्वं प्रदर्शय॥
ॐ कौलिकाराध्यायै नमः
ॐ दूषणत्रिशिरोहन्त्रे नमः