शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ कलाधराय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपकलाधर
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
सभी कलाओं (64 कलाओं) को धारण करने वाले देव को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
कला, संगीत व साहित्य में निपुणता
विस्तृत लाभ
कला, संगीत व साहित्य में निपुणता।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
इतीदमद्भुतस्तवं निशम्य भानुनन्दिनी करोतु सन्ततं जनं कृपाकटाक्षभाजनम्। भवेत्तदैव सञ्चितत्रिरूपकर्मनाशनं लभेत्तदा व्रजेन्द्रसूनुमण्डलप्रवेशनम्॥
ॐ दाशरथाय विद्महे सीतावल्लभाय धीमहि तन्नो रामः प्रचोदयात्
धर्मसेतुपालकं त्वधर्ममार्गनाशकं कर्मपाशमोचकं सुशर्मदायकं विभुम्।
ॐ वरिष्ठायै नमः
ॐ रुद्राय नमः
ॐ गोपीगृहाङ्गणरतये नमः