शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
राम गायत्री मंत्र
ॐ दाशरथाय विद्महे सीतावल्लभाय धीमहि तन्नो रामः प्रचोदयात्
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारगायत्री मंत्र
स्वरूपसीतापति दशरथनंदन राम
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
हम दशरथपुत्र श्रीराम को जानते हैं, उन सीता-वल्लभ का हम ध्यान करते हैं। वे श्रीराम हमारी बुद्धि को सन्मार्ग पर प्रेरित करें।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
बुद्धि की शुद्धि, मानसिक स्पष्टता, धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा और आध्यात्मिक ऊर्जा (तेज) में अपार वृद्धि
विस्तृत लाभ
बुद्धि की शुद्धि, मानसिक स्पष्टता, धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा और आध्यात्मिक ऊर्जा (तेज) में अपार वृद्धि 7।
जप काल
प्रातःकाल सूर्योदय के समय, संध्यावंदन के अंतर्गत।
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