शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ पन्नगाशनवाहनाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-जप मन्त्र; ये मन्त्र वासुदेव, बाल-गोपाल, और द्वारकाधीश स्वरूपों का पूर्ण प्रतिनिधित्व करते हैं।
स्वरूपगरुड़-वाहन
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
पन्नग (सर्प) का भक्षण करने वाले गरुड़ को वाहन बनाने वाले को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
विषैले जीवों से रक्षा
विस्तृत लाभ
विषैले जीवों से रक्षा
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
श्री राम लक्ष्मण जानकी, जय बोलो हनुमान की
ॐ ह्रः ॐ सौं ॐ वैं ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीजयजय चण्डिकायै नमः। ॐ स्वीं स्वीं विध्वंसय विध्वंसय ॐ प्लूं प्लूं प्लावय प्लावय... (अति विस्तृत तांत्रिक शृंखला)... ॐ चामुण्डायै विच्चे स्वाहा। मम सकल मनोरथं देहि देहि, सर्वोपद्रवं निवारय निवारय... भञ्जय भञ्जय ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं स्वाहा॥
ॐ त्रिविक्रमाय नमः
ॐ शिवनन्दनाय नमः
ॐ क्वणत्काञ्चीविभूषणायै नमः
ॐ जनरञ्जिन्यै नमः