शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ पार्वतीप्रियनन्दनाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपपार्वतीनंदन
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
माता पार्वती के प्रिय पुत्र को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
पारिवारिक प्रेम और स्नेह में वृद्धि
विस्तृत लाभ
पारिवारिक प्रेम और स्नेह में वृद्धि।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ पिङ्गाक्षाय नमः
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं आद्य लक्ष्म्यै नमः।
ॐ मेधा देवी जुषमाणा न आगाद्विश्वाची भद्रा सुमनस्यमाना। त्वया जुष्टा नुदमाना दुरुक्तान बृहद्वदेम विदथे सुवीराः॥
ॐ ह्रीं बटुकाय मम पूर्ण तंत्र सिद्धिं कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ॐ नमः शिवाय।
गोपनीयमिदं देवि ममात्मासि मणिर्यथा। धन्यं यशस्यमायुष्यं श्रीकरं पुष्टिवर्धनम्॥
ॐ त्रिविक्रमाय नमः