शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नृसिंह मंत्र
ॐ शर्वाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
स्वरूपकारण स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो संपूर्ण सृष्टि के मूल उद्गम हैं, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
ब्रह्मांड के मूल तत्त्व और सृष्टि-रहस्य की समझ
विस्तृत लाभ
ब्रह्मांड के मूल तत्त्व और सृष्टि-रहस्य की समझ।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
कविजिह्वाग्रवासिन्यै स्वाहा मां वारुणेऽवतु। (अर्थ: कवियों की जिह्वा में बसने वाली देवी पश्चिम में रक्षा करें) 8
ॐ त्रिनेत्रायै नमः
करालं महाकाल कालं कृपालं। गुणागार संसारपारं नतोऽहम्॥
ॐ लोकमात्रे नमः
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये सर्वभूतान्तरात्मा तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ कपालपात्रसन्तुष्टायै नमः