शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नृसिंह मंत्र
ॐ शर्वाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपकारण स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो संपूर्ण सृष्टि के मूल उद्गम हैं, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
ब्रह्मांड के मूल तत्त्व और सृष्टि-रहस्य की समझ
विस्तृत लाभ
ब्रह्मांड के मूल तत्त्व और सृष्टि-रहस्य की समझ।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ मेधा देवी जुषमाणा न आगाद्विश्वाची भद्रा सुमनस्यमाना। त्वया जुष्टा नुदमाना दुरुक्तान बृहद्वदेम विदथे सुवीराः॥
ॐ शुभायै नमः
जो शांत भाव से सह्याद्रि (और महेंद्र) पर्वत पर निवास करते हैं, उन्हें नमस्कार। (लाभ: जीवन में स्थिरता और भूमि-लाभ) 19।
अण्डमाय अवनी आहि अरीयोणप् पोरुळ ताहि
ॐ सर्वोपास्याय नमः
ॐ साधकप्रचुरानन्दसम्पत्सुखदायै नमः