ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

कार्तिकेय मंत्र

ॐ प्रमत्ताय नमः

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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स्वरूपप्रमत्त स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

जो दुष्टों के संहार के समय प्रलयंकारी प्रमत्त रूप धर लेते हैं, उन्हें नमस्कार है।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

समाज के महापापियों और घोर अपराधियों को उनके कर्मों का त्वरित दंड मिलना

विस्तृत लाभ

समाज के महापापियों और घोर अपराधियों को उनके कर्मों का त्वरित दंड मिलना।

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