शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ पुनर्वसवे नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपबार-बार प्रकट
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो अवतार रूप में धर्म की रक्षा के लिए बार-बार प्रकट होते हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
आशा
विस्तृत लाभ
आशा
जप काल
दुःख के समय
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ वल्लभानाथसुप्रीताय नमः
अनङ्गरङ्गमङ्गलप्रसङ्गभङ्गुरभ्रुवां सविभ्रमससम्भ्रमदृगन्तबाणपातनैः। निरन्तरं वशीकृतप्रतीतनन्दनन्दने कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥
ॐ शास्त्ररूपिण्यै नमः
ॐ करञ्जारण्यवासिन्यै नमः
रामोऽद्रिकूटेष्वथ विप्रवासे सानुजोऽव्याद् भरताग्रजो माम्
अत्रोपविश्य लक्ष्मि! त्वं स्थिरा भव हिरण्मयि! सुस्थिरा भव सुप्रीत्या प्रसन्नवरदा भव॥