शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ पुण्डरीकाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपसौन्दर्य स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
नील कमल के समान कान्ति वाले को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
मुख-कान्ति वृद्धि हेतु
विस्तृत लाभ
मुख-कान्ति वृद्धि हेतु
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ कृतागमाय नमः
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये भगवान्विष्णुः तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
सिकताश्च मे वनस्पतयश्च मे हिरण्यं च मेऽयश्च मे...
अधो स्वर्णाकर्षण भैरवाय नमः अधो मां रक्ष रक्ष काल कंटकान् भक्ष भक्ष आवाहयाम्यहं इत्र तिष्ठ तिष्ठ हुं फट् स्वाहा।
ॐ वकारमकरारूढाय नमः
ॐ ऐं ह्रीं श्रीं नीलांजना समाभास्वरूपिणी। या स्वाहा