शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
शारदा वंदना (विद्यारम्भ)
सरस्वति नमस्तुभ्यं वरदे कामरूपिणि। विद्यारम्भं करिष्यामि सिद्धिर्भवतु मे सदा॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारश्लोक मन्त्र
स्वरूपकामरूपिणी (इच्छा पूर्ण करने वाली)
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
हे वरदायिनी, कामरूपिणी सरस्वती, आपको नमस्कार है। मैं विद्या का आरंभ करने जा रहा हूँ, मुझे सदा सफलता प्राप्त हो।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
अध्ययन के आरंभ में सफलता और एकाग्रता
विस्तृत लाभ
अध्ययन के आरंभ में सफलता और एकाग्रता।
जप काल
नित्य स्कूल/कॉलेज या अध्ययन शुरू करने से ठीक पहले।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ करपूजितायै नमः
ॐ शिं रैं स्वतन्त्रशक्तिधाम्ने वामदेवात्मने अनामिकाभ्यां नमः
इतो नृसिंहः परतो नृसिंहो यतो यतो यामि ततो नृसिंहः। बहिर्नृसिंहो हृदये नृसिंहो नृसिंहमादिं शरणं प्रपद्ये॥
ॐ उच्छिष्टगणपति देवतायै नमो हृदि।
अङ्गं हरेः पुलकभूषणमाश्रयन्ती भृङ्गाङ्गनेव मुकुलाभरणं तमालम्। अङ्गीकृताखिलविभूतिरपाङ्गलीला माङ्गल्यदास्तु मम मङ्गलदेवतायाः॥
ॐ निर्गुणायै नमः