कार्तिकेय मंत्र
ॐ पुरुषाय नमः
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
मैं जीवन के मूल सिद्धांत स्वरूप परम पुरुष को नमन करता हूँ।
इस मंत्र से क्या होगा?
जीवन में धर्म की स्थापना और शुद्ध चेतना की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
जीवन में धर्म की स्थापना और शुद्ध चेतना की प्राप्ति 38।
जप काल
वैखानस मंदिर परंपरा में नित्य अर्चना 38।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ सर्वार्तिघ्न्यै नमः
ॐ दैत्यकालाय नमः।
ॐ हनुमान पहलवान पहलवान, बरस बारह का जबान, हाथ में लड्डू मुख में पान, खेल खेल गढ़ लंका के चौगान, अंजनी का पूत, राम का दूत, छिन में कीलौ नौ खंड का भूत, जाग जाग हड़मान हुँकाला, ताती लोहा लंकाला, शीश जटा डग डेरू उमर गाजे, वज्र की कोठड़ी ब्रज का ताला, आगे अर्जुन पीछे भीम, चोर नार चंपे ने सींण, अजरा झरे भरया भरे, ई घट पिंड की रक्षा राजा रामचंद्र जी लक्ष्मण कुँवर हड़मान करें।
ॐ विभवे नमः
ॐ क्रौञ्चदारणाय नमः
ॐ तमालश्यामलाकृतये नमः