शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ पुरुषोत्तमाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
स्वरूपपरम पुरुष
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो सभी पुरुषों (जीवों) में उत्तम हैं, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
साधक के चरित्र में सत्य, न्याय और मर्यादा जैसे उत्तम गुणों का विकास
विस्तृत लाभ
साधक के चरित्र में सत्य, न्याय और मर्यादा जैसे उत्तम गुणों का विकास।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र