शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ सच्चिदानन्दविग्रहाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
प्रकारनाम-जप मन्त्र; ये मन्त्र वासुदेव, बाल-गोपाल, और द्वारकाधीश स्वरूपों का पूर्ण प्रतिनिधित्व करते हैं।
स्वरूपवेदान्त परब्रह्म
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
सत्, चित् और आनन्द के साकार विग्रह को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
ध्यान एवं ज्ञान प्राप्ति
विस्तृत लाभ
ध्यान एवं ज्ञान प्राप्ति
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ कराल-वदनां घोरां मुक्त-केशीं चतुर्भुजाम्। कालिकां दक्षिणां दिव्यां मुण्ड-माला विभूषिताम्। सद्यः-छिन्न-शिरः-खड्ग-वामाधोर्ध्व-कराम्बुजाम्। अभयं वरदञ्चैव दक्षिणोर्ध्वाधः-पाणिकाम्॥
जो भक्तों के हृदय में रमण करने वाले भगवान राम (भार्गव राम) हैं, उन्हें नमस्कार। (लाभ: आंतरिक शांति) 19।
ॐ मायामारीचहन्त्रे नमः
ॐ अपवर्गप्रदाय नमः
ॐ गुह्यविद्यायै नमः
दधाना करपद्माभ्यामक्षमालाकमण्डलू। देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥