शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ सर्वमन्त्रफलप्रदायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
सभी मंत्रों के जप का फल प्रदान करने वाली देवी को नमन 18।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ख्फ्रेँ ख्फ्रीँ चण्डे चण्डचामुण्डे ह्रीँ हूँ स्त्रीँ छ्रीँ विच्चे घोरे महामदोन्मनि क्लीँ ब्लूँ गुह्येश्वरि ॐ परानिर्वाणे ब्रह्मरूपिणि ॐ फ्रेँ फ्रेँ सिद्धिकरालि आप्यायिनि नवपञ्चचक्रनिलये घोराट्टराविणि कलासहस्रनिवासिनि खँ खँ खँ ह्सौँ फ्रेँ अवर्णेश्वरि प्रकृत्यपर शिवनिर्वाणदे ख्फ्रेँ स्वाहा॥
ॐ वामनप्रियाय नमः
ॐ नित्यायुक्ताय नमः
ॐ सहस्रशीर्षा पुरुषः पातु मे सर्वशस्तनुम्
ॐ श्रीकण्ठाय नमः
ॐ तृणीकृततृणावर्ताय नमः