शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ शर्वाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
प्रलय के समय समस्त जगत के संहारक
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
आंतरिक और बाहरी शत्रुओं का नाश
विस्तृत लाभ
आंतरिक और बाहरी शत्रुओं का नाश 81
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ कराल-वदनां घोरां मुक्त-केशीं चतुर्भुजाम्। कालिकां दक्षिणां दिव्यां मुण्ड-माला विभूषिताम्। सद्यः-छिन्न-शिरः-खड्ग-वामाधोर्ध्व-कराम्बुजाम्। अभयं वरदञ्चैव दक्षिणोर्ध्वाधः-पाणिकाम्॥
ॐ ह्रीं बटुकाय मम प्रत्यक्ष दर्शय दर्शय बटुकाय ह्रीं ॐ स्वाहा।
ॐ कृष्णभक्तिपरायणायै नमः
ॐ मनोजवाय नमः
ॐ शशिशेखराय नमः
ॐ नागाशनरथस्थिताय नमः