ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

कार्तिकेय मंत्र

ॐ नागाशनरथस्थिताय नमः

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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स्वरूपमयूर-रथ आरूढ़
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

नागाशन (नागों को खाने वाले मयूर) के रथ पर स्थित देव को नमन।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

सर्प-दोष, कालसर्प योग और विष-बाधा का निवारण

विस्तृत लाभ

सर्प-दोष, कालसर्प योग और विष-बाधा का निवारण।

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