शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ शुचये नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
अत्यंत पवित्र (शुचि) स्वरूपा देवी को नमन।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ नमो भगवति सरस्वति परमेश्वरि। वाग्वादिनि मम विद्यां देहि भगवति। भंसवाहिनि हंससमारूढे बुद्धिं देहि देहि। प्रज्ञां देहि देहि विद्यां परमेश्वरि सरस्वति स्वाहा॥
ॐ यज्ञवराहाय नमः
ॐ अञ्जनागर्भसम्भूताय नमः
ॐ कबन्धवनवासिन्यै नमः
ज्ञानशक्तिधरः स्कन्दः वल्लीकल्याणसुन्दरः । देवसेनामनःकान्तः कार्तिकेयो नमोऽस्तु ते ॥
ॐ श्रीकृष्णमहिष्यै नमः