शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
मोह भंग और मोक्ष प्राप्ति हेतु
त्वं वैष्णवी शक्तिरनन्तवीर्या विश्वस्य बीजं परमासि माया। सम्मोहितं देवि समस्तमेतत् त्वं वै प्रसन्ना भुवि मुक्तिहेतुः॥ 36
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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लाभ एक दृष्टि में
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सांसारिक मायाजाल से वैराग्य और परम पद (मोक्ष) की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
सांसारिक मायाजाल से वैराग्य और परम पद (मोक्ष) की प्राप्ति।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ वीरघ्नाय नमः
राकायां च सिताष्टम्यां दशम्यां च विशुद्धधीः। एकादश्यां त्रयोदश्यां यः पठेत्साधकः सुधीः॥
ह्रीं भैरव भयंकरहर मां रक्ष-रक्ष हुं फट् स्वाहा।
ॐ करवालमयीकर्मायै नमः
ॐ गरुडध्वजाय नमः
ह्रीं विद्याधिष्ठातृदेव्यै स्वाहा ओष्ठं सदाऽवतु। (स्वरूप: विद्याधिष्ठात्री | लाभ: होठों और उच्चारण स्थान की रक्षा | अर्थ: विद्या की अधिष्ठात्री देवी मेरे होंठों की सदा रक्षा करें) 8