शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ वीरघ्नाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपवीर-संहारक
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
असुर वीरों का वध करने वाले महायोद्धा को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
प्रतिद्वंद्विताओं में अप्रत्याशित विजय
विस्तृत लाभ
प्रतिद्वंद्विताओं में अप्रत्याशित विजय।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ वर्णिनें नमः
ॐ स्वाहायै नमः
ॐ सर्ववन्द्यायै नमः
ॐ महादारिद्र्यनाशिने नमः।
पाँचों त्रिशेम चलें, लांगुरिया सलार चलें। भीम की गदा चले, हनुमान की हाँक चले। नाहर की धाक चलै, नहीं चलै, तो हजरत सुलेमान के तखत की दुहाई है। एक लाख अस्सी हजार पीर व पैगम्बरों की दुहाई है। चलो मन्त्र, ईश्वर वाचा। गुरु का शब्द साँचा।
ॐ क्लैब्यनाशिन्यै नमः