शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
वल्लभ गणेश मंत्र
वल्लभं गजाननं एकदन्तं ॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारपारंपरिक तांत्रिक मंत्र
स्वरूपवल्लभ गणपति
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
हे वल्लभ (प्रिय), गजानन, एकदन्त।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
संबंधों में मधुरता, शुक्र ग्रह की शांति और कार्यालयीन राजनीति (Office politics) से रक्षा
विस्तृत लाभ
संबंधों में मधुरता, शुक्र ग्रह की शांति और कार्यालयीन राजनीति (Office politics) से रक्षा 30।
जप काल
कार्यस्थल की समस्याओं के समाधान हेतु।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
यस्य स्मरणमात्रेण जन्मसंसारबन्धनात् विमुच्यते
ॐ पुरुषोत्तमाय नमः
ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं आद्या कालिका परम् ईश्वरी स्वाहा
वाक्च मे मनश्च मे चक्षुश्च मे श्रोत्रं च मे...
विश्वेश्वरि त्वं परिपासि विश्वं विश्वात्मिका धारयसीति विश्वम्। विश्वेशवन्द्या भवती भवन्ति विश्वाश्रया ये त्वयि भक्तिनम्राः॥ 18
ॐ दिव्याङ्गाय नमः।