शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ वृषाकपये नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपधर्म-रक्षक
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
धर्म (वृष) की रक्षा करने वाले देव को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
धर्म के मार्ग पर चलने की शक्ति
विस्तृत लाभ
धर्म के मार्ग पर चलने की शक्ति।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
वायव्ये कपाल भैरवाय नमः वायव्ये मां रक्ष रक्ष काल कंटकान् भक्ष भक्ष आवाहयाम्यहं इत्र तिष्ठ तिष्ठ हुं फट् स्वाहा।
ॐ गोकुलानन्ददायिन्यै नमः
प्रबिसि नगर कीजै सब काजा। हृदयँ राखि कोसलपुर राजा॥
कनकमहामणिभूषितलिङ्गं फणिपतिवेष्टितशोभितलिङ्गम्। दक्षसुयज्ञविनाशनलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम्॥
ॐ द्विरूपभृते नमः
ॐ सर्वग्रहरूपिणे नमः