शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीकृष्ण मंत्र
ॐ वराहमूर्तिमते नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
स्वरूपयज्ञ-वराह
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
वराह भगवान का मूर्त रूप धारण करने वाले को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
भूमि-दोष निवारण
विस्तृत लाभ
भूमि-दोष निवारण
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ पिङ्गाक्षाय नमः
ॐ कात्यायन्यै नमः
पत्नीं मनोरमां देहि मनोवृत्तानुसारिणीम्। तारिणीं दुर्गसंसारसागरस्य कुलोद्भवाम्॥ 42
मखेश्वरि क्रियेश्वरि स्वधेश्वरि सुरेश्वरि त्रिवेदभारतीश्वरि प्रमाणशासनेश्वरि। रमेश्वरि क्षमेश्वरि प्रमोदकाननेश्वरि व्रजेश्वरि व्रजाधिपे श्रीराधिके नमोऽस्तु ते॥
ॐ शुद्धाय नमः।
ॐ दुर्धर्षाय नमः