शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीकृष्ण मंत्र
ॐ अहर्पतये नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपसूर्य-तेज
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
सूर्य (दिन के स्वामी) के समान तेजस्वी देव को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
आलस्य का नाश और जीवन में प्रकाश
विस्तृत लाभ
आलस्य का नाश और जीवन में प्रकाश।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ ऐं ह्रीं श्रीं क्लीं हसौः जगत्प्रसूत्यै नमः।
वद वद वाग्वादिनी स्वाहा। (अथवा ॐ नमो भगवती वद वद वाग्देवी स्वाहा)
ॐ सर्वदुःखहराय नमः
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि । तन्नो दन्ती प्रचोदयात् ॥
दधाना करपद्माभ्यामक्षमालाकमण्डलू। देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥
ॐ सुरराज्यप्रदः पातु पादौ मे नृहरीश्वरः