शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीकृष्ण मंत्र
ॐ अन्तर्याम्यै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारसहस्रनाम जप मंत्र;
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो सबके हृदय (अंतर्मन) की बात जानती हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
अंतर्ज्ञान और विवेक की वृद्धि
विस्तृत लाभ
अंतर्ज्ञान और विवेक की वृद्धि।
जप काल
तुलसी या कमलगट्टे की माला पर जप;
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ पिङ्गलाय नमः
ॐ ह्रीं गुरुरूपे मां गृह्ण ऐं वद वद वाग्वादिनि स्वाहा
तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि। तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥
ॐ देवदेविकायै नमः
ॐ श्रीं कृष्णाय श्रीं । श्रीं श्रीं गोविन्दाय गोपालाय गोलोक सुन्दराय सत्याय नित्याय परमात्मने पराय वैखानसाय विराजमूर्तये मेघात्मने श्रीम नरसिंहवपुषे नमः
ॐ वज्रदंष्ट्राय नमः