शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीकृष्ण मंत्र
ॐ अट्टहासायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारसहस्रनाम स्तोत्र मंत्र (दशमहाविद्या)
स्वरूपदशमहाविद्या काली / करालवदना काली
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
भगवान शिव (अट्टहास) की अर्धांगिनी और ब्रह्मांड को कँपाने वाला अट्टहास करने वाली।
जप काल
देवी की मूर्ति, यंत्र या चित्र के सम्मुख 'ककारादि सहस्रार्चन' विधि द्वारा।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
गाङ्गेयस्ताम्रचूडश्च ब्रह्मचारी शिखिध्वजः । तारकारिरुमापुत्रः क्रौञ्चारिश्च षडाननः ॥
ॐ जानुदेशं जया पातु।
ॐ शिरो मे विष्णुपत्नी च ललाटं अमृतोद्भवा। चक्षुषी सुविशालाक्षी श्रवणे सागरम्बुजा॥
ॐ श्रीं ह्रीं ब्राह्म्यै स्वाहेति दन्तपङ्क्तीः सदाऽवतु। (स्वरूप: ब्राह्मी | लाभ: दाँतों और स्पष्ट वाचन-स्थान की रक्षा | अर्थ: ब्राह्मी देवी मेरी दंत-पंक्तियों की सदा रक्षा करें) 8
ॐ वराहाय नमः
ॐ त्रिवृत्ततनयाय नमः।