श्रीकृष्ण मंत्र
ॐ कालकण्टकघातिन्यै नमः
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
मृत्यु (काल) के भय रूपी कांटे को सदा के लिए नष्ट करने वाली।
इस मंत्र से क्या होगा?
मृत्यु के भय का अंत और शाश्वत मोक्ष की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
मृत्यु के भय का अंत और शाश्वत मोक्ष की प्राप्ति।
जप काल
नित्य उपासना, शिवरात्रि या अमावस्या की मध्यरात्रि में रुद्राक्ष या मुण्ड माला से जप।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ प्रजापतये नमः
जो भक्तों के हृदय में रमण करने वाले भगवान राम (भार्गव राम) हैं, उन्हें नमस्कार। (लाभ: आंतरिक शांति) 19।
त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥
ॐ शचीमाङ्गल्यरक्षकाय नमः
त्वं वाङ्मयस्त्वं चिन्मयः ॥ त्वमानन्दमयस्त्वं ब्रह्ममयः ॥ त्वं सच्चिदानन्दाऽद्वितीयोऽसि ॥ त्वं प्रत्यक्षं ब्रह्मासि ॥ त्वं ज्ञानमयो विज्ञानमयोऽसि ॥
ॐ गन्धर्वविद्यातत्त्वज्ञाय नमः