ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

श्रीकृष्ण मंत्र

ॐ भगवते नमः

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारनाम-मंत्र (Nama-Mantras)।
स्वरूपभगवान
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

जो सभी प्रकार के ऐश्वर्य से युक्त हैं 70।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

षड्-ऐश्वर्य की प्राप्ति

विस्तृत लाभ

षड्-ऐश्वर्य की प्राप्ति

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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र

ॐ कृष्णसङ्गविलासिन्यै नमः

ख्फ्रेँ ख्फ्रीँ चण्डे चण्डचामुण्डे ह्रीँ हूँ स्त्रीँ छ्रीँ विच्चे घोरे महामदोन्मनि क्लीँ ब्लूँ गुह्येश्वरि ॐ परानिर्वाणे ब्रह्मरूपिणि ॐ फ्रेँ फ्रेँ सिद्धिकरालि आप्यायिनि नवपञ्चचक्रनिलये घोराट्टराविणि कलासहस्रनिवासिनि खँ खँ खँ ह्सौँ फ्रेँ अवर्णेश्वरि प्रकृत्यपर शिवनिर्वाणदे ख्फ्रेँ स्वाहा॥

ॐ नमो आदेश गुरु को, सोने का कड़ा, तांबे का कड़ा, हनुमान वनगरेया सजे मोंढे आन खड़ा। शब्द सांचा पिंड काचा, फुरो मंत्र ईश्वरो वाचा।

ॐ दुर्निरीक्ष्याय नमः

चन्द्रां प्रभासां यशसा ज्वलन्तीं श्रियं लोके देवजुष्टामुदाराम्। तां पद्मिनीमीं शरणमहं प्रपद्येऽलक्ष्मीर्मे नश्यतां त्वां वृणे॥

ॐ हृषीकेशाय नमः