शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीकृष्ण मंत्र
ॐ ब्रह्मस्थिताय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारयुगल-नाम मन्त्र; ये मन्त्र गोलोक धाम के अधिष्ठाता श्री राधा-कृष्ण के संयुक्त लीला-माधुर्य का प्रतिनिधित्व करते हैं।
स्वरूपब्रह्म-ज्ञानी
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
सर्वदा ब्रह्म-तत्त्व में स्थित रहने वाले को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
वेदान्त ज्ञान की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
वेदान्त ज्ञान की प्राप्ति
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