शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीकृष्ण मंत्र
दन्त कल्पलता पाश रत्नकुम्भ कुसोज्ज्वलम् । बन्धूक कमनीयाभं ध्यायेत् क्षिप्र गणाधिपम् ॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
शीघ्र प्रसन्न होकर त्वरित वरदान देना
विस्तृत लाभ
शीघ्र प्रसन्न होकर त्वरित वरदान देना।
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देवीं सरस्वतीं सरस्वतीं देवीं देवीं सरस्वतीं वाजेभिर्वाजेभिस्सरस्वतीं देवीं देवीं सरस्वतीं वाजेभिः॥ सरस्वतीं वाजेभिर्वाजेभिस्सरस्वतीं सरस्वतीं वाजेभिर्वाजिनीवतीं वाजिनीवतीं वाजेभिस्सरस्वतीं सरस्वतीं वाजेभिर्वाजिनीवतीं॥ वाजेभिर्वाजिनीवतीं वाजिनीवतीं वाजेभिर्वाजेभिर्वाजिनीवतीं। वाजिनीवतीति वाजिनी-वती॥
ॐ कुलाचारायै नमः
ॐ अधीश्वर्यै नमः
ॐ वज्रशक्त्यभयान्विताय नमः
ॐ स्थिराय नमः