शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीकृष्ण मंत्र
ॐ स्वाहायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
प्रकारशतनाम मंत्र |
स्वरूपआदिशक्ति भवानी |
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
देवों को हवि पहुँचाने वाली शक्ति
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सर्वांगीण विकास एवं दरिद्रता नाश)
विस्तृत लाभ
सर्वांगीण विकास एवं दरिद्रता नाश)
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
विद्यार्थी लभते विद्यां, धनार्थी लभते धनम् । पुत्रार्थी लभते पुत्रान्, मोक्षार्थी लभते गतिम् ॥
ॐ अघोररूपाय नमः।
ॐ श्रीं ह्रीं पातु मे ग्रीवां स्कन्धं मे श्रीं सदाऽवतु। (स्वरूप: श्रीं ह्रीं स्वरूपा | लाभ: गर्दन और कंधों की रक्षा | अर्थ: देवी मेरी ग्रीवा और स्कंध की रक्षा करें) 8
मनोजवम् मारुततुल्यवेगम् जितेन्द्रियम् बुद्धिमताम् वरिष्ठम्। वातात्मजम् वानरयूथमुख्यम् श्रीरामदूतम् शरणम् प्रपद्ये॥
ॐ वज्रदेहाय वज्राय नमः
ॐ स्मितवक्त्राय नमः