शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीकृष्ण मंत्र
ॐ धीराय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपधीर स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो विकट से विकट परिस्थिति में भी कभी विचलित नहीं होते (गंभीर हैं), उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
भारी विपत्ति और घबराहट के समय साधक के मन की स्थिरता और शांति
विस्तृत लाभ
भारी विपत्ति और घबराहट के समय साधक के मन की स्थिरता और शांति।
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ॐ निर्लेपाय नमः
ॐ अधोक्षजाय नमः
अहं राष्ट्री सङ्गमनी वसूनां चिकितुषी प्रथमा यज्ञियानाम्। तां मा देवा व्यदधुः पुरुत्रा भूरिस्थात्रां भूर्यावेशयन्तीम्॥
मृणालवालवल्लरी तरङ्गरङ्गदोर्लते लताग्रलास्यलोलनीललोचनावलोकने। ललल्लुलन्मलन्मनोज्ञमुग्धमोहनाश्रिते कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥
ॐ महोत्साहायै नमः
ॐ ह्रीं ह्रीं साफल्यायै सिद्धये ॐ नमः