शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीकृष्ण मंत्र
ॐ दुर्गमायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनामावली मंत्र | जप समय: प्रातः या घोर संकट काल |
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिन्हें आसानी से प्राप्त नहीं किया जा सकता (जो अगम्य हैं)।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ नमो सिद्धिविनायकाय सर्वकार्यकर्त्रे सर्वविघ्नप्रशमनाय सर्वराज्यवश्यकरणाय सर्वजनसर्वस्त्रीपुरुषाकर्षणाय श्रीं ॐ स्वाहा ॥
ॐ सर्वतीर्थमयाय नमः
ॐ ह्रीं बटुकाय मम नज़र दोष निवारणं कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ॐ स्वाहा।
ॐ कादम्बरीप्रियायै नमः
ॐ श्रीकृष्णाङ्गसदाध्याय्यै नमः
यँ यँ हनुमते फल फक्रिया हौत धग् धग् आयुरस्व प ख हेति फट्॥