शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीकृष्ण मंत्र
ॐ कपिलायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
महर्षि कपिल से संबंधित (कपिला) देवी को नमन 17।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ शूराय नमः
दुर्गेष्वटव्याजिमुखादिषु प्रभुः पायान्नृसिंहोऽसुरयूथपारिः
ॐ सदाहनुमदाश्रिताय नमः
सर्वं जगदिदं त्वत्तो जायते ॥ सर्वं जगदिदं त्वत्तस्तिष्ठति ॥ सर्वं जगदिदं त्वयि लयमेष्यति ॥ सर्वं जगदिदं त्वयि प्रत्येति ॥ त्वं भूमिरापोऽनलोऽनिलो नभः ॥ त्वं चत्वारि वाक्पदानि ॥
ॐ वन्दनाप्रियाय नमः
ॐ करुणार्णवसम्पूर्णायै नमः