शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीकृष्ण मंत्र
ॐ क्रव्यादोपनिबर्हिण्यै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारशतनाम मंत्र |
स्वरूपआदिशक्ति भवानी |
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
हिंसक असुरों का सर्वनाश करने वाली
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सर्वांगीण विकास एवं दरिद्रता नाश)
विस्तृत लाभ
सर्वांगीण विकास एवं दरिद्रता नाश)
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ कृष्णसेवापरायणायै नमः
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये देवीसरस्वती तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ कमनीयायै नमः
ॐ स्वर्णाकर्षणशीलाय नमः।
ॐ देवाय नमः
श्रीमत्तीक्ष्ण शिखाङ्कुशाक्षवरदान् दक्षे दधानः करैः पञ्चामृतपूर्णकुम्भमभयं वामे दधानो मुदा । पीठ स्वर्णमयारविन्दविलसत् सत्कर्णिका भासुरे आसीनस्त्रिमुखः पलाशरुचिरो नागाननः पातु नः ॥