शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीकृष्ण मंत्र
ॐ नारायणाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-जप मन्त्र; ये मन्त्र वासुदेव, बाल-गोपाल, और द्वारकाधीश स्वरूपों का पूर्ण प्रतिनिधित्व करते हैं।
स्वरूपनारायण
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जल (नार) में अयन (निवास) करने वाले नारायण स्वरूप को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
जल-भय नाश
विस्तृत लाभ
जल-भय नाश
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ नारदादिमुनिस्तुताय नमः
नितम्बबिम्बरुलम्बमानपुष्पमेखले प्रशस्तरलकिङ्किणीकलापमध्यमञ्जुले। करीन्द्रशुण्डदण्डिकாவरोहसौभगोरुके कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥
न श्रुतं कवचं देव न चोक्तं भवता मम। इति पृष्टः स गिरिशो मन्त्रयन्त्राङ्गतत्त्ववित्॥
ॐ पावन नरसिंहाय नमः
ॐ बालपराक्रमाय नमः।
ॐ सर्वसिद्धिप्रदाय नमः