शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीकृष्ण मंत्र
ॐ कुमारीभोजनानन्दायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारआद्या काली नाम-मंत्र
स्वरूपआद्या काली
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
कन्याओं को कराए गए भोजन से आनंदित होने वाली।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
कन्या-भोज कराने से इष्ट-कृपा की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
कन्या-भोज कराने से इष्ट-कृपा की प्राप्ति।
जप काल
नित्य उपासना, शिवरात्रि या अमावस्या की मध्यरात्रि में रुद्राक्ष या मुण्ड माला से जप।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ सर्वस्मै नमः
ॐ वृषभानुजायै विद्महे कृष्णप्रियायै धीमहि। तन्नो राधा प्रचोदयात्॥
या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता। या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना॥ या ब्रह्माच्युतशंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा पूजिता। सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥
ॐ विभीषणप्रियकराय नमः
ॐ रमायै नमः
ॐ महासम्पदप्रदायिने नमः।