शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीकृष्ण मंत्र
ॐ लोकमात्रे नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
समस्त लोकों की माता (विश्वजननी) को नमन 57।
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ॐ वराहमूर्तिमते नमः
पूरो मंत्र ईश्वरों वाचा ओम हनुमत वेदर वेग वेग आओ अमुक बंधी को बंधन से छुड़ाओ भेड़ी तोड़ो ताला तोड़ो बंधन धन तोड़ो मोडा अमुक बंधी को बंधन से छुड़ाओ मेरी भक्ति गुरु की शक्ति। पूरो मंत्र ईश्वरों वाचा।
ॐ नृसिंहः पातु वायव्यां सौम्यं भूषणविग्रहः
ॐ यश्छन्दसामृषभो विश्वरूपः। छन्दोभ्योऽध्यमृतात्सम्बभूव। स मेन्द्रो मेधया स्पृणोतु। अमृतस्य देव धारणो भूयासम्॥
ॐ लोकवन्द्याय नमः
ॐ सर्वज्ञाय नमः।