ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

श्रीकृष्ण मंत्र

ॐ नन्दव्रजजनानन्दिने नमः

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारनाम-जप मन्त्र; ये मन्त्र वासुदेव, बाल-गोपाल, और द्वारकाधीश स्वरूपों का पूर्ण प्रतिनिधित्व करते हैं।
स्वरूपव्रज-विहारी
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

नन्द-गोकुल (व्रज) के सभी जनों को आनन्दित करने वाले को नमस्कार।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

समाज में यश हेतु

विस्तृत लाभ

समाज में यश हेतु

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