शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीकृष्ण मंत्र
पक्वचूत फलकल्प मञ्जरीमिक्षुदण्ड तिलमोदकैः सह । उद्वहन् परशु हस्त ते नमः श्रीसमृद्धिपतये देव पिङ्गल ॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
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अपार समृद्धि और सभी कार्यों में सिद्धि (सफलता)
विस्तृत लाभ
अपार समृद्धि और सभी कार्यों में सिद्धि (सफलता)।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ असुरान्तक चक्राय स्वाहा – कवचाय हुं
ॐ अभयायै नमः
ॐ गहनाय नमः
ह्रीं भैरव भयंकरहर मां रक्ष-रक्ष हुं फट् स्वाहा।
ॐ करमालासिद्धिदात्र्यै नमः
ॐ वागधिष्ठातृदेव्यै सर्वाङ्गं मे सदाऽवतु। (स्वरूप: वागधिष्ठात्री | लाभ: संपूर्ण शरीर की आध्यात्मिक और भौतिक रक्षा | अर्थ: वाक् की अधिष्ठात्री देवी मेरे संपूर्ण अंगों की रक्षा करें) 8