शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीकृष्ण मंत्र
ॐ पशुपालाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपगोपाल स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो जीवों (पशुओं) के रक्षक और पालक हैं, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
कृषि, पशुपालन, और डेयरी व्यवसाय में वृद्धि
02
जीवों के प्रति करुणा का जागरण
विस्तृत लाभ
कृषि, पशुपालन, और डेयरी व्यवसाय में वृद्धि; जीवों के प्रति करुणा का जागरण।
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सभासु वदतां श्रेष्ठो राज्ञां भवति च प्रियः। वैदिकं तान्त्रिकं चैव मान्त्रिकं ज्ञानमुत्तमम्॥
ॐ नमो आदेश गुरु को, सोने का कड़ा, तांबे का कड़ा, हनुमान वनगरेया सजे मोंढे आन खड़ा। शब्द सांचा पिंड काचा, फुरो मंत्र ईश्वरो वाचा।