शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
विश्व की सर्वांगीण रक्षा हेतु
या श्रीः स्वयं सुकृतिनां भवनेष्वलक्ष्मीः पापात्मनां कृतधियां हृदयेषु बुद्धिः। श्रद्धा सतां कुलजनप्रभवस्य लज्जा तां त्वां नताः स्म परिपालय देवि विश्वम्॥ 18
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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01
सुकृतियों के यहाँ लक्ष्मी और पापियों के यहाँ अलक्ष्मी रूप देवी से विश्व की रक्षा की प्रार्थना
विस्तृत लाभ
सुकृतियों के यहाँ लक्ष्मी और पापियों के यहाँ अलक्ष्मी रूप देवी से विश्व की रक्षा की प्रार्थना।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ भद्रं कर्णेभिः शृणुयाम देवा । भद्रं पश्येमाक्षभिर्यजत्राः ॥ स्थिरैरङ्गैस्तुष्टुवांसस्तनूभिः । व्यशेम देवहितं यदायुः ॥
ॐ नमो भगवते रामभद्राय
ॐ त्वष्ट्रे नमः
राजमातां राजलक्ष्मीं राजेष्टफलदायिनीम्। प्रत्यङ्गिरां नमस्यामि सिद्धिलक्ष्मीजयप्रदां॥
ॐ ऐं ह्रीं श्रीं वाग्देव्यै सरस्वत्यै नमः
ॐ महासारस्वतावृताय नमः