शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीकृष्ण मंत्र
ॐ पीतवस्त्राय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपपीताम्बर धारी
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो चमचमाते पीले वस्त्र (पीताम्बर) धारण करते हैं, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
बृहस्पति ग्रह की शांति
02
उच्च ज्ञान, विवाह और शुभ मांगलिक कार्यों में सफलता
विस्तृत लाभ
बृहस्पति ग्रह की शांति; उच्च ज्ञान, विवाह और शुभ मांगलिक कार्यों में सफलता।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ मधुरूपायै नमः
कनकमहामणिभूषितलिङ्गं फणिपतिवेष्टितशोभितलिङ्गम्। दक्षसुयज्ञविनाशनलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम्॥
ॐ कदलीदर्शनोद्यतायै नमः
नैऋत्ये क्रोध भैरवाय नमः नैऋत्ये मां रक्ष रक्ष काल कंटकान् भक्ष भक्ष आवाहयाम्यहं इत्र तिष्ठ तिष्ठ हुं फट् स्वाहा।
शान्तिकर्मणि सर्वत्र तथा दुःस्वप्नदर्शने। ग्रहपीडासु चोग्रासु माहात्म्यं शृणुयान्मम॥ 17
तब जनक पाइ बसिष्ठ आयसु ब्याह साजि सँवारि कै। मांडवी श्रुतकीरति उरमिला कुँअरि लईं हँकारि कै॥