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शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

श्रीकृष्ण मंत्र

ॐ रसज्ञाय नमः

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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स्वरूपरस-ज्ञाता
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

जो समस्त आध्यात्मिक रसों (शृंगार, वीर, वात्सल्य आदि) के ज्ञाता हैं, उन्हें नमस्कार है।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

जीवन में रस, आनंद और कलात्मकता की वृद्धि

02

नीरसता (उदासी) का पूर्ण नाश

विस्तृत लाभ

जीवन में रस, आनंद और कलात्मकता की वृद्धि; नीरसता (उदासी) का पूर्ण नाश।

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