शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीकृष्ण मंत्र
ॐ त्रिलोकेशाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
प्रकारनाम-मंत्र (Nama-Mantras)।
स्वरूपत्रिलोकीनाथ
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो तीनों लोकों के स्वामी हैं 70।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
मान-सम्मान में वृद्धि
विस्तृत लाभ
मान-सम्मान में वृद्धि
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
यं ब्रह्मा वरुणेन्द्ररुद्रमरुतः स्तुन्वन्ति दिव्यैः स्तवैः वेदैः साङ्गपदक्रमोपनिषदैः गायन्ति यं सामगाः । ध्यानावस्थिततद्गतेन मनसा पश्यन्ति यं योगिनो यस्यान्तं न विदुः सुरासुरगणा देवाय तस्मै नमः ॥
ॐ सर्वस्मै नमः
ॐ वरसिद्धिविनायकाय नमः
तस्य सर्वार्थसिद्धिः स्याद्वाक्सामर्थ्यं तथा लभेत्। ऐश्वर्यं च लभेत्साक्षाद्दृशा पश्यति राधिकाम्॥
ॐ गणस्वामिने नमः
ॐ नमो बटुक भैरवाय कामदेवाय यस्य यस्य दृश्यो भवामि यश्च यश्च मम सुखं तं तं मोहयतु स्वाहा।