शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीकृष्ण मंत्र
ॐ वज्रहस्तसुतावल्लीवामदक्षिणसेविताय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
स्वरूपपूर्ण-परिवार
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनके वाम-दक्षिण भाग में देवसेना और वल्ली विराजमान हैं, उन्हें नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
पारिवारिक अखंडता और संबंधों में प्रगाढ़ता
विस्तृत लाभ
पारिवारिक अखंडता और संबंधों में प्रगाढ़ता।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ ह्रः ॐ सौं ॐ वैं ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीजयजय चण्डिकायै नमः। ॐ स्वीं स्वीं विध्वंसय विध्वंसय ॐ प्लूं प्लूं प्लावय प्लावय... (अति विस्तृत तांत्रिक शृंखला)... ॐ चामुण्डायै विच्चे स्वाहा। मम सकल मनोरथं देहि देहि, सर्वोपद्रवं निवारय निवारय... भञ्जय भञ्जय ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं स्वाहा॥
ॐ सर्वदेवाधिदेवाय नमः
ॐ कामबीजशिरोमणये नमः
ॐ साक्षिणे नमः
ॐ सरस्वत्यै नमः
ॐ अष्टमूर्तये नमः