शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नवार्ण महामंत्र
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनवार्ण (9-अक्षरी) मंत्र
स्वरूपचामुण्डा (महाकाली)
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
हे चण्ड-मुण्ड का नाश करने वाली चामुण्डा, मेरे अज्ञान की गाँठ खोलकर मुझे ज्ञान प्रदान करें।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सर्व-बाधा मुक्ति, बुद्धि (ऐं) और धन (ह्रीं)
विस्तृत लाभ
सर्व-बाधा मुक्ति, बुद्धि (ऐं) और धन (ह्रीं)।
जप काल
प्रातः/संध्या में 108 बार रुद्राक्ष माला से जप।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ वीरभद्राय नमः
तां म आवह जातवेदो लक्ष्मीमनपगामिनीम्। यस्यां हिरण्यं प्रभूतं गावो दास्योऽश्वान् विन्देयं पूरुषानहम्॥
श्रीं विद्याधिष्ठातृदेव्यै स्वाहा वक्षः सदाऽवतु। (स्वरूप: विद्याधिष्ठात्री | लाभ: हृदय व वक्ष-स्थल की रक्षा | अर्थ: विद्या देवी मेरे वक्ष की रक्षा करें) 8
ॐ श्रीभैरवीसंयुक्ताय नमः।
ॐ सर्वसिद्धिप्रदाय नमः
ॐ वायुसारथये नमः