शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ लक्ष्मी मंत्र
ॐ अव्यग्राय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र (Nama-Mantras)।
स्वरूपशांत / अव्यग्र
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो अत्यंत स्थिर हैं, कभी व्याकुल नहीं होते 70।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
अत्यंत विपरीत परिस्थिति में भी स्थिरता
विस्तृत लाभ
अत्यंत विपरीत परिस्थिति में भी स्थिरता
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
आत्मनः शक्तिमुद्वीक्ष्य मानोत्साहौ तु यो व्रजेत्। शत्रूनेकोऽपि हन्याच्च क्षत्रियान् भार्गवो यथा॥
पक्वचूत फलकल्प मञ्जरीमिक्षुदण्ड तिलमोदकैः सह । उद्वहन् परशु हस्त ते नमः श्रीसमृद्धिपतये देव पिङ्गल ॥
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये अन्तश्चेतनात्मा तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ अध्यक्षरायै नमः
ॐ प्राणाय नमः
ॐ यमुनावेगसंहारिणे नमः