शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ लक्ष्मी मंत्र
ॐ ब्रह्मचारिणे नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपनैष्ठिक ब्रह्मचारी
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिन्होंने आजन्म अखंड ब्रह्मचर्य व्रत का कठोर पालन किया है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
ब्रह्मचर्य
विस्तृत लाभ
ब्रह्मचर्य
जप काल
तप काल
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
अवतु माम् ॥ अवतु वक्तारम् ॥ अवतु श्रोतारम् ॥ अवतु दातारम् ॥ अवतु धातारम् ॥ अवानूचानमव शिष्यम् ॥ अव पश्चात्तात् ॥ अव पुरस्तात् ॥ अवोत्तरात्तात् ॥ अव दक्षिणात्तात् ॥ अव चोर्ध्वात्तात् ॥ अवाधरात्तात् ॥ सर्वतो मां पाहि पाहि समन्तात् ॥
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये नक्षत्राणि तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ सरस्वत्यै नमः
ॐ षोडशस्त्रीसहस्रेशाय नमः
ॐ सर्वेश्वराय नमः
ॐ वज्रकायाय नमः