शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ लक्ष्मी मंत्र
ॐ ब्राह्मणप्रियाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
स्वरूपज्ञान-प्रिय
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
ज्ञानी और सात्विक जनों को प्रिय देव को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
समाज के प्रबुद्ध वर्ग से सम्मान की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
समाज के प्रबुद्ध वर्ग से सम्मान की प्राप्ति।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
सिकताश्च मे वनस्पतयश्च मे हिरण्यं च मेऽयश्च मे...
ॐ वार्धौमैनाकपूजिताय नमः
ॐ ऐं क्लीं सौः।
ॐ कुलकामिन्यै नमः
ॐ नमो भगवते नरसिंहाय नमस्तेजस्तेजसे आविराविर्भव वज्रनख वज्रदंष्ट्र कर्माशयान् रन्धय रन्धय तमो ग्रस ग्रस ॐ स्वाहा। अभयमभयमात्मनि भूयिष्ठा ॐ क्ष्रौम्॥
जो माता एकवीरा (रेणुका का एक नाम) के पुत्र हैं, उन्हें नमस्कार। (लाभ: माता की असीम कृपा) 19।