शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ लक्ष्मी मंत्र
ॐ दिव्याङ्गाय नमः।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
प्रकारराजसिक संपदा मंत्र
स्वरूपस्वर्णाकर्षण भैरव
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनके अंग अत्यंत दिव्य और सुडौल हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
स्वर्ण-ऐश्वर्य की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
स्वर्ण-ऐश्वर्य की प्राप्ति
जप काल
शुक्रवार को यंत्र पर कुमकुम अर्पण
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ चामीकरप्रभाय नमः
ॐ वाग्देव्यै च विद्महे ब्रह्मपत्न्यै च धीमहि। तन्नो वाणी प्रचोदयात्॥
ॐ पद्मनाभप्रियायै नमः
मार्गणाशोषिताभ्ध्यंशं पावनं चिरजीवनम्। य एतानि जपेन्द्रामनामानि स कृती भवेत्॥
योगीश्वरो महासेनः कार्तिकेयोऽग्निनन्दनः । स्कन्दः कुमारः सेनानीः स्वामी शङ्करसम्भवः ॥
सिकताश्च मे वनस्पतयश्च मे हिरण्यं च मेऽयश्च मे...